"कर्म की गति इतनी बलवती होती है

कि वह भाग्य की रेखा को बदल देती है"

"शक्ति कभी भी शारीरिक या मानसिक क्षमता से उत्पन्न नहीं होती

बल्कि वह अजेय संकल्प से उत्पन्न होती है"

"प्रसन्नता की प्राप्ति इंसान के कर्म पर निर्भर करती है

कर्म जितना सात्विक होगा हृदय उतना निर्मल होगा"

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25 वर्षों से साधना के क्षेत्र में हैं ज्योतिषविद् सर्वभूत शरणम्

सर्वभूत शरणम् पिछले 25 वर्षों से अध्यात्म, योग और ज्योतिष के क्षेत्र में स्वयं को समर्पित किए हुए हैं। इनसे जुड़े लोगो का मानना है कि मां भगवती की इन पर विशेष कृपा है। ज्योतिष के अतिरिक्त गुरुश्री की विशिष्ट पहचान स्पर्श ध्यान पद्धति है। इनके इस अनुभव से अब तक बहुतेरे जन लाभांवित हो चुके हैं। इन लाभान्वित लोगों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हस्तियाँ भी शामिल हैं।

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जन्मकुंडली

सर्वभूत शरणम् अपने 25 वर्षों के ज्योतिषीय और आध्यात्मिक ज्ञान की मदद से हस्त लिखित कुंडली तैयार करते हैं।
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विशेष पूजा विधि

सर्वभूत जी से कोई भी व्यक्ति विशेष वैदिक, तांत्रिक एवं शाबर मंत्रों के विषय में जानकारी या किसी पूजा विशेष के सन्दर्भ में सलाह ले सकता है।
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स्पर्श ध्यान

सर्वभूत जी की स्पर्श ध्यान पद्धति पर विशेष पकड़ है। स्पर्श ध्यान अनेक समस्याओं को दूर करने की प्राचीनतम विधा है। इसके अद्भुत और चमत्कारिक लाभ हैं।

गुरु जी की डायरी

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दैनिकचर्या के शास्त्रोक्त विधान – सर्वभूत शरणम्

सनातन हिंदू धर्म और संस्कृति अद्वितीय, विलक्षण एवं अपरिमेय है। इसमें बताए गए सभी विधान, नियम, सिद्धांत, आचरण और व्यवहार न केवल मानव जाति को मानसिक एवं शारीरिक रूप से…

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नहीं पहनें दूसरों का धारण किया हुआ वस्त्र

१. व्याघ्रपाद स्मृति में कहा गया है - "यज्ञं दानं जपो होमं स्वाध्यायं पितृतर्पणम्। नैकवस्त्रो द्विज: कुर्याद् भोजनं तु सुरार्चनम्।।" अर्थात् एक वस्त्र पहन कर न तो भोजन करना चाहिए,…

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वार : दिनांक : एकादशी नाम : 2020 पूरी लिस्ट

सोमवार, 06 जनवरी पौष पुत्रदा एकादशी सोमवार, 20 जनवरी षटतिला एकादशी बुधवार, 05 फरवरी जया एकादशी बुधवार, 19 फरवरी विजया एकादशी शुक्रवार, 06 मार्च आमलकी एकादशी गुरुवार, 19 मार्च पापमोचिनी…

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पितृदोष भाग-3 – सर्वभूत शरणम्

बृहत्त पराशर होरा शास्त्र के अनुसार जन्मकुंडली में 14 प्रकार के शापित योग हो सकते हैं। इनमें पितृ दोष, मातृ दोष, भ्रातृ दोष, मातुल दोष, प्रेत दोष आदि को प्रमुख…

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पुत्र सुख के लिए पुत्रदा एकादशी का व्रत

पुत्रदा एकादशी की महिमा अपरमपार है। पुत्रदा एकादशी श्रावण माह के शुक्ल पक्ष में दशमी के अगले दिन होती है। इस व्रत को करने वाले दंपति को पुत्र सुख की…

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शरीर में खुजली के बारे में क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र

क्रमअंग/स्थानसमय (दिन/रात)चंद्रपक्षसंकेत/फल1दायाँ आँखदिनशुक्लशुभ समाचाररातकृष्णविवाद या बाधा2बायाँ आँखदिनशुक्ललाभ, सौभाग्यरातकृष्णहानि की आशंका3दायाँ कानदिनशुक्लप्रशंसा, यशरातकृष्णआलोचना, अपमान4बायाँ कानदिनशुक्लशुभ समाचाररातकृष्णकटु वचन सुनना5नाकदिनशुक्लसम्मान प्राप्तरातकृष्णअपमान की स्थिति6होंठदिनशुक्लमधुर वार्तारातकृष्णझगड़ा या कटु वचन7दायाँ गालदिनशुक्लप्रसन्नता, हर्षरातकृष्णक्लेश, दुःख8बायाँ गालदिनशुक्लमित्र मिलनरातकृष्णशत्रु सामना9दाँतदिनशुक्लस्वादिष्ट…

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24 एकादशी का व्रत दिलाएगा संकट से मुक्ति

हर महीने में दो एकादशी होती हैं। इस प्रकार वर्ष के 365 दिनों में मात्र 24 बार ही एकादशी व्रत होता है लेकिन प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिकमास होने से दो…

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भ्रूण हत्या के पाप से मुक्ति दिलाता है कामिका एकादशी का व्रत

सावन माह के कृष्ण पक्ष में दशमी के अगले दिन आने वाली एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। सावन महीने में आने के चलते इस एकादशी का बहुत…

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आपकी आध्यात्मिक यात्रा यहीं से शुरू होती है

यदि आपके मन में कोई प्रश्न है, मार्गदर्शन की आवश्यकता है, या आप किसी विशेष समस्या का समाधान चाहते हैं — तो हमसे निःसंकोच संपर्क करें। हमारे अनुभवी मार्गदर्शक आपकी हर जिज्ञासा और चिंता को समझने के लिए तत्पर हैं। नीचे दिए गए फॉर्म, ईमेल या कॉल के माध्यम से जुड़ें — और अपने उत्तरों की ओर पहला कदम बढ़ाएं।